Zindagi hai wo meri

उसके हाथो में वो लाल रंग की चूड़ियाँ,
माँग में भरा लाल रंग का सिंदूर,
वो कानो में लटकती चाँदी की झुमकिया
वो उस चेहरे पे दमकता सूफ़ियाना सा नूर

माथे पर चमकती गोल सी बिंदिया,
नाक में चमकता चाँद सा मोती
वो हीरे से भरी पतली सी उंगलियाँ
वो काली कजरारी आँखों की ज्योति

ये किसने रंगा है उसके होठों को लाल रंग से
किसने लगाया है उन गालो पर काला तिल
हृदय के तार छेड़ देती,भर देती एक नयी उमंग
जब भी ओढती लाल चुनर सितारो से झिलमिल झिलमिल

यूही दीवाना नही मैं उसका
यूही पागल नही कहते सब मुझको,
ये रंग चढ़ा है मुझ पर जिसका
सब्ज़ परी कहते है सब उसको

वो उसका लहराता आँचल
वो उसकी खिलखिलाती हँसी
मैं जैसे कोई साहिल और वो लहर कोई दीवानी सी
बस और क्या कहूँ
वो ज़रूरत है मेरी
बस और क्या कहूँ
वो मोहब्बत है मेरी

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